News

खरमास 2023 प्रारंभ तिथि ? | Kharmas 2023 Start Date and Time

खरमास 2023 प्रारंभ तिथि :- मित्रों ज्योतिषो के अनुसार 2023 मे खरमास 16 दिसंबर से शाम 3 बजकर 58 मिनट से शुरू हो जाएंगे और यह 15 जनवरी को खत्म होंगे. इस बीच आपको किसी भी शुभ कार्य या मंगल कार्य करने से बचना चाहिए.

Introduction:-

खरमास 2023 प्रारंभ तिथि:- मित्रों सनातन धर्म के अनुसार खरमास को हिन्दू धर्म मे खास महत्व दिया जाता है. हालांकि शास्त्रों मे इसका कोई प्रमाण नहीं है मगर कुछ पौराणिक कथाओ मे खरमास का जिक्र किया गया है. जिसके चलते, मनुष्य करीबन 1 महीने तक कोई मगल या शुभ कार्य नहीं कर सकता है. ऐसे मे आप सभी को पता होना चाहिए “खरमास 2023 प्रारंभ तिथि” के बारे मे क्यूंकी यदि आप खरमास के चल रहे दिनों के बीच मे कोई शुभ कार्य करते है तो उसका असर आपके जीवन पर उल्टा दिखाई पड़ सकता है.

आज के इस लेख मे हम आपको “खरमास 2023 प्रारंभ तिथि” के साथ साथ “खरमास क्या होता है”, “खरमास के दिनों मे क्या नहीं करना चाहिए” और खरमास की पौराणिक कथा के बारे मे जानकारी देंगे. जानने के लिए लेख मे अंत तक बने रहे.

Kharmas Kya Hota Hai?

सबसे पहले मित्रों हम आपको बता देना चाहते है की कुछ लोगों को यही नहीं पता है की “Kharmas Kya Hota Hai” या “what is kharmas in hindi” तो यदि आप भी इन्ही मे से एक है तो आइए आपको बताते है “Kharmas Kya Hota Hai”. मित्रों ज्योतिषो के अनुसार किसी भी राशि मे सूर्य एक-एक महीने तक रहता है. सूर्य जब धनु राशि मे आता है तब यह खरमास कहलाता है. इसके बाद जब सूर्य गोचर के साथ मकर राशि मे जाता है तो इसका अंत होता है. सूर्य के मकर मे गोचर को मकर सक्रांति कहते है.

खरमास 2023 प्रारंभ तिथि ?
Kharmas 2023 Start Date and Time

खरमास 2023 प्रारंभ तिथि ?

अब चलिए मित्रों आपको “खरमास 2023 प्रारंभ तिथि” या “Kharmas 2023 Start Date and Time” के बारे मे बताते है. मित्रों ज्योतिषो के अनुसार 2023 मे खरमास 16 दिसंबर से शाम 3 बजकर 58 मिनट से शुरू हो जाएंगे और यह 15 जनवरी को खत्म होंगे. इस बीच आपको किसी भी शुभ कार्य या मंगल कार्य करने से बचना चाहिए. नहीं तो इसका असर आपके जीवन पर उलट पड़ सकता है. अब ऐसे मे आपको खरमास के दिनों मे किस काम को नहीं करना चाहिए, आइए आपको इसके बारे मे भी जानकारी देते है.

खरमास के दिनों मे भूलकर भी नहीं करने चाहिए ये काम?

जैसा की मित्रों हमने आपको पहले भी बताया है की खरमास के दिनों मे हिन्दू धर्म के अनुसार किसी भी शुभ कार्य को करना उपयुक्त नहीं माना गया है. जैसे की-

1- खरमास के दिनों मे विवाह करने से बचे.

2- खरमास के दिनों मे घर निर्माण कतई न करे, यह शुभ नहीं माना जाता है.

3- यदि आप खरमास के दिनों मे कोई नया व्यवसाय करना चाहते है, तो ऐसा कदापि न करे.

4- यदि कोई कार्य लंबे समय तक चलना है तो उसे आपने खरमास के दिनों मे रोक देना चाहिए.

तो मित्रों यह कुछ कार्य होते है जो आपको खरमास के दिनों मे नहीं करने चाहिए. आइए अब खरमास के दिनों मे कौन कौन से कार्य करने चाहिए पर चर्चा करते है.

खरमास के दिनों मे करे यह कार्य?

अब मित्रों आपको यह तो पता चला गया है की खरमास के दिनों मे किन कार्यों को करने से बचना चाहिए, मगर ऐसे भी कुछ कार्य है जिन्हे आपको खरमास के दिन मे करना चाहिय. जिससे आपको बेहद लाभ भी होगा.

1- खरमास के दिनों मे दान, जप-तप, भक्ति आदि करना उत्तम बताया गया है.

2- यदि आप खरमास के दिनों मे घर आए ब्राह्मण, ऋषि, संत, भिखारी आदि की सेवा करते है, तो यह करना बड़ा उत्तम माना गया है.

3- यदि आपसे हो सके तो खरमास के दिनों मे आपको तीर्थ यात्रा पर जाना चाहिए.

4- यदि आप खरमास के दिनों मे सीमान्त, जातकर्म और अन्नप्राशन आदि कर्म पहले से निश्चित कर लेते है तो वह इस अवधि मे कीये जा सकते है.

तो मित्रों यह कुछ कार्य है जिन्हे करने से आपको खरमास के दिनों मे लाभ प्राप्त होता है.

खरमास के दिनों मे क्यूँ बंद हो जाते है मांगलिक कार्य?

आप मे से कुछ लोगों के मन मे यह सवाल जरूर चल रहा होगा की आखिर ऐसा क्या है इस खरमास के महीने मे जो की किसी भी मांगलिक कार्य करने पर रोक है. मित्रों आपको बता दे की जब सूर्य देव ब्रहस्पति राशि मे प्रवेश करते है. तो उनका बल कमजोर होता है. इसी कारण ही इस समय कोई मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है. आपको बता दे की साल मे दो बार खरमास लगता है. एक बार जब सूर्य धनु राशि मे प्रवेश करता है और दूसरा तब, जब सूर्य मीन राशि मे प्रवेश करते है. इस साल याने की “Kharmas December 2023” मे 16 दिसम्बर से 15 जनवरी तक धनु राशि मे विराजमान रहेंगे.

खरमास की कथा ( The Story Of Kharmas ) Kharmas Katha?

मित्रों पौराणिक कथाओ के अनुसार, सूर्यदेव अपने साथ घोड़ों के साथ चलकर पूरे ब्रह्मांड के चक्कर लगाते है. इस परिक्रमा के दौरान सूर्यदेव कहीं नहीं रुकते है. लेकिन रथ से जुड़े घोड़े विश्राम न मिलने के कारण थक जाते है. यह देख सूर्यदेव भावुक हो जाते है और घोड़ों को पानी पिलाने के लिए एक तलाब के पास ले आते है. तभी सूर्यदेव को आभास होता है की अगर रथ रुक गया तो बड़ा अनर्थ हो जाएगा. क्यूंकी यदि रथ रुका तो सूर्यदेव रुक जाएंगे और प्रकृति का संतुलन बिगड़ जाएगा.

सूर्यदेव जब तालाब के पहुंचते है तो वहाँ उनको 2 खर दिखाई पड़ते है. जिन लोगों को नहीं पता खर क्या होते है उन्हे हम बता दे की गधों का ही दूसरा नाम खर होता है. तो सूर्यदेव को वहाँ पर दो गधे दिखाई पड़ते है. सूर्यदेव अपने घोड़ों को पानी पीने ले लिए तालाब के पास छोड़ देते है और दोनों खरों को अपने रथ मे जोड़ लेते है. खर बड़ी ही मुश्किल से सूर्य के रथ को खीच पाते है. इसी दौरान रथ की चाल भी धीमी पड़ जाती है. सूर्य देव बड़ी मुश्किल से इस मास का चक्कर पूरा कर पाते है.

लेकिन इस बीच सूर्यदेव के घोड़े विश्राम कर चुके होते है. और सूर्यदेव का रथ एक बार फिर से पनि गति पर लौट आता है. खरों के साथ पूरे कीये गए मास(महीने) को ही खरमास के नाम से जाना जाता है. ऐसी मान्यता है की खरमास के दिनों मे सूर्यदेव के घोड़े विश्राम करते है.

Kharmas December 2023 Date and Time

मित्रों ज्योतिषो के अनुसार 2023 मे खरमास 16 दिसंबर से शाम 3 बजकर 58 मिनट से शुरू हो जाएंगे और यह 15 जनवरी को खत्म होंगे. इस बीच आपको किसी भी शुभ कार्य या मंगल कार्य करने से बचना चाहिए.

यह भी जाने:-

Sana AI Anchor | AI News Anchor | AI Meaning In Hindi

Conclusion:- Kharmas kya hota hai

मित्रों आज के इस लेख मे हमने आपको बेहद ही ज्यादा महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए खरमास के बारे मे बताया है जिसमे हमने आपको “Kharmas Kya Hota Hai, Kharmas 2023, Kharmas 2023 start date and time, kharmas december 2023 date and time, खरमास 2023 प्रारंभ तिथि” के बारे मे बताया है. आशा करते है आपको हमारी यह जानकारी पसंद आई होगी कुछ नया जानने को मिला होगा तो आप हमे कमेन्ट के माध्यम से जरूर बताए, और आगे भी इसी तरह के लिख को पढ़ने के लिए आते रहिएगा, धन्यवाद.

FAQ:-

1. खरमास को अशुभ क्यों माना जाता है?

जब सूर्य देव ब्रहस्पति राशि मे प्रवेश करते है. तो उनका बल कमजोर होता है. इसी कारण ही इस समय कोई मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है. इसलिए ही इसे अशुभ माना जाता है.

2. खरमास का अर्थ क्या होता है?

1- खरमास के दिनों मे विवाह करने से बचे.
2- खरमास के दिनों मे घर निर्माण कतई न करे, यह शुभ नहीं माना जाता है.
3- यदि आप खरमास के दिनों मे कोई नया व्यवसाय करना चाहते है, तो ऐसा कदापि न करे.
4- यदि कोई कार्य लंबे समय तक चलना है तो उसे आपने खरमास के दिनों मे रोक देना चाहिए.

3. साल में कितनी बार खरमास आता है?

जब सूर्य देव ब्रहस्पति राशि मे प्रवेश करते है. तो उनका बल कमजोर होता है. इसी कारण ही इस समय कोई मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है. आपको बता दे की साल मे दो बार खरमास लगता है. एक बार जब सूर्य धनु राशि मे प्रवेश करता है और दूसरा तब, जब सूर्य मीन राशि मे प्रवेश करते है.

Rate this post

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button